गाजीपुर। खरीफ फसलों की बुवाई को लेकर कृषि विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार बीज एवं उर्वरक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अप्रैल, मई तथा जून के प्रथम सप्ताह में हुई अच्छी वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है, जिससे धान की नर्सरी तैयार करने और खाली खेतों में ढैंचा की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं।
कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष शासन ने दलहन एवं श्रीअन्न (मिलेट्स) के उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया है। जनपद गाजीपुर के लिए धान की खेती का लक्ष्य 1,29,532 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त मक्का 3,199 हेक्टेयर, ज्वार 6,232 हेक्टेयर, बाजरा 10,908 हेक्टेयर तथा अन्य फसलों के लिए 9,757 हेक्टेयर क्षेत्रफल का लक्ष्य तय किया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार धान का लक्ष्य क्षेत्रफल 54,376 हेक्टेयर कम किया गया है, जबकि श्रीअन्न एवं दलहन फसलों के क्षेत्रफल में वृद्धि की गई है। इस वर्ष उड़द 4,178 हेक्टेयर, मूंग 73 हेक्टेयर, अरहर 10,091 हेक्टेयर तथा तिल 229 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोए जाने का लक्ष्य रखा गया है। कृषि विभाग ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं के यहां पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं। वर्तमान में जनपद में 28,210 मीट्रिक टन यूरिया, 11,879 मीट्रिक टन डीएपी, 2,312 मीट्रिक टन एमओपी, 8,652 मीट्रिक टन एनपीके तथा 5,358 मीट्रिक टन एसएसपी का भंडार उपलब्ध है। विभाग ने किसानों से मौसम का लाभ उठाते हुए समय से बुवाई करने तथा कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों एवं तकनीकी सलाह का उपयोग करने की अपील की है।