गाजीपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के अंतर्गत प्रभावी पैरवी के चलते दहेज मृत्यु के एक मामले में न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
पुलिस के अनुसार थाना नोनहरा में दर्ज मुकदमा संख्या 129/2023, धारा 498ए, 304बी भारतीय दंड संहिता एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम से संबंधित प्रकरण में मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन पक्ष द्वारा लगातार प्रभावी पैरवी की गई। इसके परिणामस्वरूप 16 जून 2026 को न्यायालय ने अभियुक्त मुस्ताक उर्फ मउर खां तथा इस्तियाक उर्फ इस्तेयाक खां, निवासी ग्राम नोनहरा, थाना नोनहरा, जनपद गाजीपुर को दोषसिद्ध करार दिया।
न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को धारा 304बी/34 भादवि (दहेज मृत्यु) के तहत 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त धारा 498ए भादवि के अंतर्गत प्रत्येक अभियुक्त को 2-2 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 5-5 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत दोनों अभियुक्तों को एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने पर प्रत्येक अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। पुलिस विभाग ने बताया कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी है, जिससे पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके और अपराधियों में कानून का भय बना रहे।