गाजीपुर। जनपद में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक और नवाचार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कृषि विज्ञान केंद्र, अंकुशपुर में अविष्कार फाउंडेशन द्वारा प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए चिन्हित भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक तथा जिला उद्यान अधिकारी भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रस्तावित परियोजना की रूपरेखा, उपलब्ध भूमि और भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा की। जिलाधिकारी ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से गाजीपुर कृषि एवं तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा। इस केंद्र में स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कृषि अनुसंधान एवं विकास, लाइव डेमो यूनिट तथा किसानों के लिए अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस पहल से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी मिलेगी और कृषि उत्पादन व आय बढ़ाने के नए अवसर उपलब्ध होंगे। यह केंद्र कृषि अनुसंधान, प्रशिक्षण और व्यवहारिक प्रदर्शन का प्रमुख केंद्र बनकर किसानों, कृषि उद्यमियों और युवाओं को आधुनिक खेती से जोड़ने का कार्य करेगा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने कृषि विज्ञान केंद्र में संचालित कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी भाग लिया तथा किसानों को निःशुल्क बीज वितरित किए। उन्होंने किसानों से संवाद कर आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले किसानों के लिए जलपान के साथ भोजन की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कृषि विज्ञान केंद्र अंकुशपुर द्वारा अतिरिक्त पांच हेक्टेयर भूमि की मांग किए जाने पर जिलाधिकारी ने जनपद के सभी उप जिलाधिकारियों को 10 दिनों के भीतर उपयुक्त भूमि का चिन्हांकन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के प्रशिक्षण, बीज उत्पादन और अन्य कृषक हितैषी कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, जिससे कृषि विकास की गतिविधियां निर्बाध रूप से संचालित हो सकें।