गाजीपुर। संभावित सूखे और कम वर्षा की आशंका को देखते हुए सदर विकास खंड की ग्राम पंचायत अंधऊ स्थित पंचायत भवन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) विषयक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें कृषि एवं बैंकिंग विभाग के अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक खेती, फसल बीमा और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए उप कृषि निदेशक विजय कुमार ने किसानों से पारंपरिक धान की खेती के बजाय कम पानी में होने वाली फसलों जैसे उड़द, मूंग, अरहर, ज्वार, बाजरा और मक्का की खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध भी हो, तब भी पानी की बचत करने वाली तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने किसानों को डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) तकनीक से धान की सीधी बुवाई करने की सलाह देते हुए बताया कि इससे समय, श्रम और लागत की बचत होती है तथा बेहतर उत्पादन भी प्राप्त होता है।
अग्रणी जिला प्रबंधक (यूनियन बैंक) राजदेव ने किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि मात्र चार प्रतिशत ब्याज पर केसीसी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि केसीसी धारकों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत स्वतः बीमा हो जाता है। जिन किसानों के पास केसीसी नहीं है, उन्हें भी फसल बीमा अवश्य कराना चाहिए, ताकि प्राकृतिक आपदा या सूखे की स्थिति में आर्थिक क्षतिपूर्ति मिल सके। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. शाही ने किसानों को कृषि के साथ पशुपालन को भी आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनाने की सलाह दी। उन्होंने पशुओं के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, बकरी, भेड़ और मुर्गी पालन जैसी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि पांच बकरी और एक बकरे की लघु इकाई पर सरकार लगभग 54 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान कर रही है, जबकि लाभार्थी को केवल छह हजार रुपये का अंशदान करना होगा। उन्होंने मिनी नंदिनी सहित विभाग की अन्य पशुपालन योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी। गोष्ठी में किसानों से कृषि एवं पशुपालन से जुड़ी सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई।