गाजीपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत जनपद में मतदेय स्थलों (पोलिंग बूथों) के युक्तिकरण एवं सम्भाजन को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने मतदेय स्थलों के सम्भाजन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने पर जोर देते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नए मतदेय स्थलों के निर्धारण में मतदाताओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता हो, ताकि किसी भी मतदाता को मतदान केंद्र तक पहुंचने में अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सत्यापन के बाद तैयार मतदेय स्थलों की संशोधित सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराते हुए उसका अवलोकन करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी बूथ के भवन की जर्जर स्थिति, दूरी या अन्य किसी प्रकार की समस्या हो तो उसकी जानकारी तत्काल प्रशासन को दी जाए। बैठक में बताया गया कि 4 जुलाई 2026 को मतदेय स्थलों की प्रारंभिक सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 11 जुलाई 2026 तक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि अपने सुझाव एवं आपत्तियां उप जिला निर्वाचन अधिकारी अथवा जिला निर्वाचन कार्यालय में प्रस्तुत कर सकेंगे। बैठक के दौरान समाजवादी पार्टी के जिला सचिव राजेश यादव ने अनुरोध किया कि जिन विद्यालयों में छात्र संख्या कम होने के कारण पठन-पाठन बंद हो गया है, लेकिन भवन सुरक्षित है और वहां पहले से मतदेय स्थल संचालित है, उन्हें परिवर्तित न किया जाए। इस पर जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को इस सुझाव पर विचार करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी वेद सिंह चौहान, सभी उपजिलाधिकारी तथा भाजपा, समाजवादी पार्टी, बसपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं निर्वाचन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।