जमानियां। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए 18 जुलाई 2002 को मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीद नायब सूबेदार विजय शंकर सिंह की 24वीं पुण्यतिथि पर शनिवार को उनके पैतृक गांव पचोखर में शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सैनिकों, प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सकों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रभक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। वन विभाग के रेंजर जयशंकर वर्मा एवं उनकी टीम ने शहीद स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृति में लगाए गए पौधे आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रप्रेम तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते रहेंगे।इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जमानियां के चिकित्सा प्रभारी डॉ. रूद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में गांव एवं आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श तथा नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं।
शहादत दिवस कार्यक्रम में शौर्य सैनिक संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कैप्टन सुब्बा यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों एवं सैनिक परिवारों ने भाग लेकर शहीद को नमन किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में लेफ्टिनेंट श्याम सुन्दर गुप्ता, सूबेदार मैनेजर सिंह तथा नायब सूबेदार अशोक कुमार पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समारोह के दौरान शहीद परिवारों की वीर नारियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि शहीदों का बलिदान राष्ट्र के लिए अमूल्य है और उनकी स्मृतियों को संजोए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उल्लेखनीय है कि नायब सूबेदार विजय शंकर सिंह ने भारतीय सेना की मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री में सेवा प्रारंभ की थी। बाद में 42 राष्ट्रीय राइफल्स में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। 18 जुलाई 2002 को कुपवाड़ा में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान अदम्य साहस का परिचय देते हुए वे वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी शहादत आज भी क्षेत्रवासियों के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।