जमानियां। स्थानीय विकास खंड के किसानों के लिए स्वतंत्रता दिवस से पहले बड़ी राहत की खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर पिछले 22 वर्षों से बंद पड़ी बी-पैक्स लिमिटेड डुहिया सहकारी समिति को गुरुवार को पुनर्जीवित कर दिया गया। समिति के दोबारा संचालन से न्याय पंचायत के पांच गांवों के एक हजार से अधिक किसानों को अब गांव के पास ही खाद, बीज और कृषि ऋण की सुविधा मिल सकेगी।
समिति का उद्घाटन भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के सहकारिता मॉडल के अनुरूप कार्य कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के साथ ही उन्हें समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। समारोह में सहायक निबंधक बिपिन कुमार सिंह ने किसानों से अधिक उत्पादन के लिए गुणवत्तापूर्ण सरकारी उर्वरक एवं प्रमाणित बीजों का उपयोग करने की अपील की। जिला सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने किसानों को महज तीन प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।बताया गया कि समिति के बंद रहने के कारण न्याय पंचायत से जुड़े पांच गांवों के एक हजार से अधिक किसान पिछले दो दशकों से सरकारी सहकारी सुविधाओं से वंचित थे। समिति के पुनर्जीवित होने से किसानों को अब उचित दर पर खाद और बीज उपलब्ध होने के साथ ही कृषि कार्यों के लिए ऋण की सुविधा भी स्थानीय स्तर पर मिल सकेगी। इस अवसर पर सतीश चंद्र, शिवजन्म राय, सुधाकर राय, अंशु तिवारी समेत बड़ी संख्या में किसान एवं क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।