20 से अधिक सभासदों ने डीएम को भेजा 11 सूत्रीय मांगपत्र, मांगें पूरी न होने पर सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी
जमानियां। नगर पालिका परिषद जमानियां में गृहकर वृद्धि, कथित भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोपों को लेकर सोमवार को सभासदों का आक्रोश खुलकर सामने आया। नगर पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता के खिलाफ नाराजगी जताते हुए सभासदों ने नगर पालिका परिसर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सभासद राजा चौधरी, प्रमोद यादव, उमरॉव यादव समेत 20 से अधिक सभासदों ने जिलाधिकारी को 11 सूत्रीय मांगपत्र भेजकर समस्याओं के समाधान की मांग की। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी। सभासदों ने आरोप लगाया कि नगर की जनता पर भारी गृहकर और ट्रेड टैक्स का बोझ डाला गया है। उन्होंने इसे तत्काल समाप्त करने तथा दाखिल-खारिज के नाम पर कथित अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग की। इसके अलावा चहेते ठेकेदारों को एकतरफा तरीके से टेंडर दिए जाने का आरोप लगाते हुए टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई।
11 सूत्रीय मांगों को लेकर जताई नाराजगी
सभासदों के मांगपत्र में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के पीएफ खातों का पिछले दो वर्षों का विवरण उपलब्ध कराने, नगर की साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने तथा नक्शा पास कराने की दर कम करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है। वहीं वार्ड नंबर 19 में कराए गए निर्माण कार्यों तथा बलुआ घाट पर निजी जमीन पर बनाए जा रहे विश्रामालय की तकनीकी एवं न्यायिक जांच कराने की भी मांग उठाई गई है। सभासदों ने कोरम के अभाव में स्थगित 15 अप्रैल 2026 की बोर्ड बैठक को पुनः बुलाने की मांग भी की है। उनका आरोप है कि बंद कमरे में मनमाने ढंग से प्रस्ताव तैयार कर जनता पर करों का अतिरिक्त बोझ डाला गया। सभासदों ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में जनता पर पूर्व की तुलना में कई गुना तक टैक्स का भार बढ़ा दिया गया है। धरने पर बैठे सभासदों ने कहा कि नगर पालिका जनता की सुविधाओं के लिए है और कर निर्धारण से लेकर विकास कार्यों तक सभी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अध्यक्ष ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं नगर पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता ने सभासदों द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि कर निर्धारण का निर्णय बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से तथा शासनादेश के अनुरूप लिया गया था। अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ सभासद निजी हितों और दबाव बनाने के उद्देश्य से जनता को गुमराह कर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। नगर पालिका अध्यक्ष और सभासदों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब निगाहें प्रशासन की ओर टिकी हैं। सभासदों के 11 सूत्रीय मांगपत्र पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और धरना कब तक जारी रहता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।