जमानियां, गाजीपुर। नगर पालिका परिषद में गृहकर वृद्धि, भ्रष्टाचार और कथित तानाशाही रवैये के विरोध में सभासदों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। धरनारत सभासदों के अध्यक्ष विरोधी नारों से नगर पालिका कार्यालय परिसर गूंजता रहा।सभासदों ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के आर्थिक एवं मानसिक शोषण पर रोक लगाने, उनकी नियुक्ति प्रक्रिया तथा पिछले दो वर्षों में हुई पीएफ कटौती का विवरण सार्वजनिक करने और इससे जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की। इसके अलावा नामांतरण में अवैध वसूली रोकने, बढ़े हुए गृहकर एवं ट्रेड शुल्क को तत्काल समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।

सभासदों का कहना है कि वार्डों में जनहित से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सभासदों से प्रस्ताव लेकर तत्काल टेंडर प्रक्रिया पूरी कर विकास कार्य कराए जाएं। साथ ही नगर पालिका की विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत अथवा निकाले गए विकास कार्यों के टेंडर एवं वित्तीय अभिलेखों की निष्पक्ष जांच के लिए प्रशासनिक समिति गठित करने की मांग की गई। सभासदों ने 15 अप्रैल को बुलाई गई बोर्ड बैठक को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कोरम के अभाव में ईओ द्वारा बैठक स्थगित किए जाने के बावजूद अध्यक्ष ने अनैतिक तरीके से प्रस्ताव पारित करा लिया। सभासदों ने उक्त प्रस्तावों की जांच कराने और दोबारा बोर्ड बैठक बुलाने की मांग की। धरने में सभासद प्रमोद यादव, राहुल वर्मा, सचिन वर्मा, विकास जायसवाल, मनीष यादव, मोहन गुप्ता, सुरेंद्र चौधरी, अंजनी गुप्ता, राकेश प्रजापति, राजा चौधरी, आशिम खां, रजनीकांत उपाध्याय, राजा बाबू, सभासद प्रतिनिधि शिवबचन यादव, उमराव यादव, अरशद मंसूरी, शमीम अंसारी और आमिर उर्फ गोलू सहित अन्य सभासद मौजूद रहे।